पर्यावरण बचाना है--सबको पेड़ लगाना है!!---धरती हरी भरी रहे हमारी--अब तो समझो जिम्मेदारी!! जल ही जीवन-वायू प्राण--इनके बिना है जग निष्प्राण!!### शार्ट एड्रेस "www.paryavaran.tk" से इस साईट पर आ सकते हैं

पर्यावरण पर लेख भेजने का अंतिम मौका 15 दिसम्बर 2010 -- ध्यान रहे कहीं चूक न जाएं।

>> सोमवार, 6 दिसंबर 2010

समस्त लेखकों को सूचना दी जाती है कि "बचपन और पर्यावरण" विषय पर लेख अपेक्षित संख्या में नहीं पहुंचे हैं। इसलिए एक मौका और देकर लेख भेजने की अंतिम तिथि को बढाकर 15 दिसम्बर 2010 किया जा रहा  है। इस बढे हुए समय का लाभ उठाएं। जिनका प्रकाशन हमारा पर्यावरण ब्लॉग पर किया जाएगा। लेख शीघ्र भेजें। प्रतियोगिता के विषय में जानकारी यहाँ पर लें। यह अंतिम मौका है दुबारा नहीं मिलेगा। शीघ्र लाभ उठाएं। पर्यावरण के प्रति अपनी जागरुकता का परिचय दें।

16 टिप्पणियाँ:

योगेश कुमार गोयल 17 दिसंबर 2010 को 12:59 pm  

कृपया प्रतियोगिता में शामिल किए गए लेखों का प्रकाशन शुरू करें.

दर्शन लाल बवेजा 17 दिसंबर 2010 को 10:42 pm  

अभी मैंने यह पढ़ा कि इस् प्रतियोगिता की अंतिम तिथि दुसरी बार बढ़ा कर १४-०१-२०११ कर दी है
मेरा निवेदन है की यदि आप के पास वांछित मात्रा में लेख नहीं आये है तो आप इस् में जितने ही लेख आये है उन को कुछ प्रोत्साहन स्वरूप प्रमाणपत्र/गिफ्ट (ई प्रमाण पत्र नहीं देना उस का कोई लाभ नहीं) आदि दे कर इस् प्रतियोगिता को समपन्न कर दे क्यूँकी
जो अब तक लेख ना भेज सके वो आगे क्या भेजेंगे
और इस् इनाम की राशि से किसी स्कूल में कोई पर्यावरण समारोह करवा दे वो तो आप वैसे भी करवाते रहेते है या फिर आप जो उचित समझे

दर्शन लाल बवेजा 17 दिसंबर 2010 को 10:54 pm  

और जो ब्लोगर लेख नहीं लिख सके वो ईंटो के भठ्ठे खोल ले क्यूँकी ईंटे पाथना आसान काम है शायद लेख लिखने से :)

ललित शर्मा 17 दिसंबर 2010 को 11:08 pm  

@दर्शन लाल बवेजा जी

आपकी सलाह पर गौर किया जाएगा। अभी तो स्थिति कम ओ बेश यही बनी हुई है। एक बार आजमा कर फ़िर देखते हैं।

आभार

ललित शर्मा 18 दिसंबर 2010 को 8:44 am  

@shalini kaushik ji

इस प्रतियोगिता हमारा उद्देश्य यह था कि पर्यावरण पर सार्थक विचार आलेख के माध्यम से जन मानस तक पहुंचे। लेकिन जितने लेख आए हैं उनकी संख्या से हम अपने उद्देश्य की पूर्ती में असमर्थ नजर आ रहे हैं। इसलिए एक बार पुन: 14 जनवरी तक का समय बढाया गया है और लेखों का इंतजार है। लेखों की संख्या सम्मान जनक स्थिति में पहुंचते ही प्रकाशन शुरु किया जाएगा।

लेख भेजने के लिए आपका बहुत बहुत आभार
पर्यावरण के प्रति आपकी जागरुकता अवश्य ही मील का पत्थर साबित होगी।

धन्यवाद

आलोकिता 18 दिसंबर 2010 को 12:50 pm  

sir main blog jagat mein nayi hun is pratiyogita k wishay mein mujhe aaj hi malum hua. jald se jald lekh bhejungi

Satish Chandra Satyarthi 18 दिसंबर 2010 को 8:40 pm  

पुरस्कार महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है इस विषय में जागरूकता को अधिक से अधिक बढ़ाना.. इस बात का सर्थन करूँगा कि लेखों को रोक के रखने के बजाए उनका प्रकाशन शुरू कर दें पुरस्कार बाद में बाटते रहें, लेख पहले भेजने वालों को पुरस्कार के लिए प्राथमिकता दी जा सकती है..
मुझे तो इस प्रतियोगिता के बारे में आज पता चला नुक्कड़ ब्लॉग पर.. अधिक से अधिक ब्लोग्स पर कमेन्ट में इस ब्लॉग का लिंक दें.. मुझे नहीं लगता को इसे कोइ स्पैम मानेगा या किसी को आपत्ति होगी..

smshindi 30 दिसंबर 2010 को 2:14 pm  

NAYA SAAL 2011 CARD 4 U
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please open it

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/”**I**”/
/ “MISS” /
/ “*U.*” /
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“LOVE”
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”LIFE”
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“ROSE”
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“beautifl”
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/”beautifl”/
/ “**IS**”/
/ “*YOU*” /
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Yad Rakhna mai ne sub se Pehle ap ko Naya Saal Card k sath Wish ki ha….
मेरी नई पोस्ट पर आपका स्वागत है !

अशोक बजाज 1 जनवरी 2011 को 12:08 am  

सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥

सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें, और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े .
नव - वर्ष 2011 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

Dr. shyam gupta 4 जनवरी 2011 को 6:02 pm  

सुन्दर कविता, बजाज जी...
----लेख भेज दिया है...

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